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बà¥à¤–ार 102-103 डिगà¥à¤°à¥€ से नीचे ही नहीं उतर रहा, तà¥à¤°à¤‚त ये काम करें
सिर दरà¥à¤¦ या बà¥à¤–ार लगे तो उसी टाइम डॉकà¥à¤Ÿà¤° की सलाह ज़रूर लें
पर ये गरà¥à¤®à¥€ है कि जाने का नाम ही नहीं ले रही. जहां à¤à¤• तरफ़ ख़बरें आ रही हैं कि बेंगलà¥à¤°à¥ जैसे शहर बारिश की वजह से परेशान हो गठहैं, नॉरà¥à¤¥ में लोग दो बूंद के लिठतरस गठहैं. आज हम वेदर रिपोरà¥à¤Ÿ इसलिठदे रहे हैं कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि इस गरà¥à¤®à¥€ से इंसान न सिरà¥à¥ž पक चà¥à¤•ा है, बलà¥à¤•ि बीमार à¤à¥€ पड़ रहा है. जà¥à¤¯à¥‹à¤¤à¤¿ 20 साल की हैं और दिलà¥à¤²à¥€ में रहती हैं. दिलà¥à¤²à¥€ की गरà¥à¤®à¥€ से बेहाल हैं. कà¥à¤› दिन पहले उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ कॉलेज के कà¥à¤› काम से काफ़ी देर धूप में खड़ा रहना पड़ा. उसी शाम उनकी हालत ख़राब हो गई. उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ 103 बà¥à¤–ार आ गया. दवाइयों से à¤à¥€ बà¥à¤–ार नहीं उतर रहा था. साथ ही à¤à¤¯à¤¾à¤¨à¤• सिर दरà¥à¤¦ और बदन दरà¥à¤¦. जà¥à¤¯à¥‹à¤¤à¤¿ के घरवाले उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ असà¥à¤ªà¤¤à¤¾à¤² लेकर à¤à¤¾à¤—े. वहां उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ डà¥à¤°à¤¿à¤ª के ज़रिठदवाई दी गई और ठंडी पटà¥à¤Ÿà¤¿à¤¯à¤¾à¤‚ की गईं. तब जाकर कहीं उनकी हालत में कà¥à¤› सà¥à¤§à¤¾à¤° आया.
जà¥à¤¯à¥‹à¤¤à¤¿ चाहती हैं हम गरà¥à¤®à¥€ के कारण होने वाले बà¥à¤–ार के बारे में बात करें. गरà¥à¤®à¥€ से बà¥à¤–ार कà¥à¤¯à¥‹à¤‚ चॠजाता है और इससे कैसे निपटें? देखिठजब शरीर का तापमान बहà¥à¤¤ ज़à¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ होता है यानी शरीर ओवरहीट हो जाता है तो उसको कहते हैं हाइपर थरà¥à¤®à¤¿à¤¯à¤¾. ये कंडीशन आम तो है पर जानलेवा à¤à¥€ है. तो सबसे पहले ये जान लेते हैं आपका शरीर इतना गरà¥à¤® कà¥à¤¯à¥‹à¤‚ हो जाता है.
हाइपर थरà¥à¤®à¤¿à¤¯à¤¾ कà¥à¤¯à¤¾ होता है?
हाइपर थरà¥à¤®à¤¿à¤¯à¤¾ à¤à¤• à¤à¤¸à¥€ बीमारी है जिसमें शरीर का तापमान 102-103 के ऊपर चला जाता है. दिमाग के अंदर मौजूद हाइपोथैलेमस जो शरीर का तापमान कंटà¥à¤°à¥‹à¤² करता है, वो फ़ेल हो जाता है. à¤à¤¸à¥‡ में शरीर से हीट बाहर नहीं निकल पाती, पसीना नहीं आता, इसके कारण शरीर का तापमान बढ़ जाता है, इसमें पेशेंट बेहोश à¤à¥€ हो सकता है.
कारण
हाइपर थरà¥à¤®à¤¿à¤¯à¤¾ होने की सबसे बड़ी वजह है लू लगना, गरà¥à¤® हवा का तापमान बहà¥à¤¤ ज़à¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ होता है, à¤à¤¸à¥‡ में ये गरà¥à¤® हवा लगने के कारण मरीज़ में बहà¥à¤¤ ज़à¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ गरà¥à¤®à¥€ बैठजाती है. गरà¥à¤®à¥€ बाहर नहीं निकल पाती है. इस वजह से शरीर का तापमान बहà¥à¤¤ जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ बढ़ जाता है.
हाइपर थरà¥à¤®à¤¿à¤¯à¤¾ à¤à¤• à¤à¤¸à¥€ बीमारी है जिसमें शरीर का तापमान 102,103 के ऊपर चला जाता है
लकà¥à¤·à¤£
-बहà¥à¤¤ तेज़ बà¥à¤–ार हो जाता है
-उलà¥à¤Ÿà¤¿à¤¯à¤¾à¤‚ होती हैं
-बहà¥à¤¤ ज़à¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ गरà¥à¤®à¥€ लगती है
-कई बार मरीज़ बेहोश à¤à¥€ हो जाता है
-बहà¥à¤¤ à¤à¤¯à¤‚कर सिर दरà¥à¤¦ होता है
हेलà¥à¤¥ रिसà¥à¤•
इसका सबसे बड़ा हेलà¥à¤¥ रिसà¥à¤• है तेज़ बà¥à¤–ार, जो 102-103 डिगà¥à¤°à¥€ कà¥à¤°à¥‰à¤¸ कर जाता है, जिसे दिमागी बà¥à¤–ार कहते हैं. कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि इसमें हाइपोथैलेमस काम नहीं करता. इसलिठपेशेंट गफ़लत में आ जाता है. इसके कारण पेशेंट की मौत à¤à¥€ हो सकती है.
बचाव
शरीर को गरà¥à¤®à¥€ न लगने दें, बाहर निकलते वक़à¥à¤¤ हमेशा पानी की बोतल साथ रखें, शिकंजी, ORS का घोल पीकर निकलें.
Fever: Symptoms, Causes, Care & Treatment
हाइपर थरà¥à¤®à¤¿à¤¯à¤¾ होने की सबसे बड़ी वजह है लू लगना
-नमक और पानी का घोल ठीक मातà¥à¤°à¤¾ में पिà¤à¤‚
-गरà¥à¤®à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ में दिनà¤à¤° में कम से कम 5-6 लीटर पानी ज़रूर पिà¤à¤‚
-जब à¤à¥€ बाहर निकलें तो छाता लेकर निकलें
-कार में हैं तो AC ऑन रखें
-सिर दरà¥à¤¦ या बà¥à¤–ार लगे तो उसी टाइम डॉकà¥à¤Ÿà¤° की सलाह ज़रूर लें
-चकà¥à¤•र आà¤à¤‚, गफ़लत महसूस हो तो किसी à¤à¥€ असà¥à¤ªà¤¤à¤¾à¤² में इमरजेंसी में चले जाà¤à¤‚, कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि ये जानलेवा हो सकता है
इलाज
-सबसे पहले मरीज़ की जांच की जाती है
-देखा जाता है कि वो होश में है या नहीं
-अगर पेशेंट होश में है तो ख़तरे की बात नहीं है
-à¤à¤¸à¥‡ में पेशेंट को कोलà¥à¤¡ सलाइन डà¥à¤°à¤¿à¤ª से दवा दी जाती है
-माथे पर ठंडी पटà¥à¤Ÿà¤¿à¤¯à¤¾à¤‚ रखी जाती हैं, ताकि शरीर का तापमान कम हो सके
Fevers 101: How to treat them, and when to get help | Nebraska Medicine Omaha, NE
चकà¥à¤•र आà¤à¤‚, गफ़लत महसूस हो तो किसी à¤à¥€ असà¥à¤ªà¤¤à¤¾à¤² में इमरजेंसी में चले जाà¤à¤‚
-पूरे शरीर पर ठंडी पटà¥à¤Ÿà¥€ रखी जाती है
-कई बार हीट सà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‹à¤• के कारण पेशेंट को ICU में रखा जाता है
-कई बार आधे से à¤à¤• पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤¶à¤¤ पेशेंट हीटसà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‹à¤• से बच नहीं पाते
-कई पेशेंटà¥à¤¸ की मौत हो जाती है
तो à¤à¤ˆ, मौसम को देखते हà¥à¤ ये तो नहीं पता कि गरà¥à¤®à¤¿à¤¯à¤¾à¤‚ जाà¤à¤‚गी कब. पर जब तक ये जाती नहीं, तब तक अपना खà¥à¤¯à¤¾à¤² रखें. डॉकà¥à¤Ÿà¤° ने जो टिपà¥à¤¸ बताई हैं, उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ फॉलो करें, बचे रहेंगे.Â
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